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भवतोष पाण्डेय : एक संक्षिप्त परिचय

1.पेशे से इंजीनियर लेकिन कवि मन!
2.सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर स्वतन्त्र   टिप्पणीकार
3.आइआइटी बीएचयू से केमिकल इंजिनीरिंग में स्नातक तथा समाज शास्त्र,लोक प्रशासन और पत्रकारिता में 'शंकर बारात' की तरह डिग्री और डिप्लोमा जुटाने के बाद समझ में आया कि अनुभव और दृष्टि से बड़ी कोई भी डिग्री नहीं | अनुभव से अर्जित इसी दृष्टि का परिणाम है - जुलूस की भीड़ !
5. कई पत्रिकाओं और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कहानियाँ और कविताएं प्रकाशित
6. वर्तमान - एक महारत्न कंपनी में वरिष्ठ प्रबंधक पर तैनात
7. सम्पर्क - bhav.itbhu@gmail.com

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  'असल में रोटी की गोलाई देश की सीमाओं से परे है और मजूरी यहां की सबसे बड़ी देशभक्ति है | ' - एक देश बारह दुनिया (लेखक - श्री शिरीष खरे ) ------------- साहित्य का उद्देश्य क्या है ? जिसमें सबके हित की भावना हो (सहितस्य भाव : साहित्यम्) ,और जो आपको संवेदनशील बनाएं | वह कथा साहित्य भी हो सकता है और कथेतर भी | 2021 में प्रकाशित - ' एक देश बारह दुनिया' इन दोनों कारकों को साधते हुए एक सफल साहित्य की श्रेणी में अपने आप को दर्ज़ कराती है |    यह पुस्तक देश में हाशिए पर रह रहे न सिर्फ़ बारह अलग - अलग दुनिया की चर्चा करती है बल्कि ऐसी संभावना की तरफ भी इशारा करती है कि इस देश में ऐसी और भी अनगिनित दुनिया हो सकती हैं | जब देश की तथाकथित मुख्यधारा का इलेक्ट्रॉनिक मीडिया शोरगुल और हल्ला-हपाड़ी में व्यस्त हो और उस पर पक्षकारिता के आरोप लग रहे हो ,तभी एक पत्रकार द्वारा हाशिए पर ढकेले जा रहे लोगों की खोज -ख़बर लेना और उसको प्रभावी तरीके से मुख्यधारा के पाठकों के सामने लाने का साहस करना , वास्तव में प्रसंशनीय है |        वैसे इस पुस्तक की शैली को प्रकाशक मे...